नगर पंचायत अध्यक्ष जेपी गुप्ता द्वारा ईओ को नोटिस देने का बाद ही शुरू हो गया था विवाद कि शुरुआत 

नगर पंचायत अध्यक्ष जेपी गुप्ता द्वारा ईओ को नोटिस देने का बाद ही शुरू हो गया था विवाद कि शुरुआत

नोटिस के माध्यम से अध्यक्ष ने ईओ की काला चिट्ठा का किया था उजागर

कुशीनगर जनपद में इस कारगुजारी को लेकर जगह-जगह तापमान बढ़ा हुआ है

नगर के लोगों से बात करने पर 50-50 परसेंट का दोष दोनों का दे रहे है

आइडियल इंडिया न्यूज़

लवकुश पांडेय कुशीनगर

कुशीनगर । जनपद के तमकुहीराज नगर पंचायत के ईओ अमित सिंह द्वारा चेयरमैन जेपी गुप्ता के साथ मारपीट किये जाने के मामले को लेकर नगर पंचायत का तापमान जहां बढ गया है वही सत्तारुढ़ जनप्रतिनिधियों का मिजाज भी उबाल ले रहा है। कहना न होगा कि इस घटना का स्क्रिप्ट ईओ अमित सिंह ने चार माह पहले ही लिख दी गई थी ऐसा विश्वस्त सूत्रो का कहना है। बताया जाता है कि अक्टूबर माह मे जब चेयरमैन ने ईओ पर तमाम आरोपों की झड़ी लगाते हुए नोटिस थमाया था उसी समय से ईओ की आंख मे चेयरमैन खटकने लगे थे। यह बात दीगर है कि ईओ जिस मौका की तलाश कर रहे थे वह शनिवार को मिल गया। अब सवाल यह उठता है कि मारपीट जब दोनो तरफ से हुई है, चोटिल दोनो पक्ष के लोग हुए है और विवाद की शुरुआत कर्मचारी व ठेकेदार की पिटाई कर ईओ द्वारा की गयी तो फिर ईओ के खिलाफ मुकदमा क्यो नही दर्ज किया गया? जबकि तमकुहीराज पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए ईओ के तहरीर पर एक पक्ष के खिलाफ घटना के दिन ही मुकदमा दर्ज कर लिया, फिर दुसरे पक्ष का मुकदमा अब तक क्यो नही दर्ज किया गया?

काबिलेजिक्र है कि नगर पंचायत कार्यालय में शनिवार को हुई मारपीट घटना अकास्मिक नही हुई है। इस घटना के पीछे काफी दिनो से चली आ रही चेयरमैन के प्रति ईओ का खुन्नस है और वह खुन्नस अक्टूबर माह में चेयरमैन जेपी गुप्ता द्वारा ईओ अमित सिंह को तमाम मामलो में आरोपित कर दिये गये नोटिस का है। विभागीय सूत्रों की माने तो इस नोटिस के बाद ही ईओ और चेयरमैन में शीत युद्ध शुरू हो गया। वजह यह है कि चेयरमैन ने अपने नोटिस मे ईओ की कारस्तानी का पोल खोल दिया था जिसे ईओ अमित सिंह हजम नही कर पा रहे थे। नगर पंचायत अध्यक्ष ने अपने नोटिस के माध्यम से नगर निकाय हित मे कार्य नहीं करने, विकास कार्य में प्रगति नहीं लाने, शासकीय कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरतने, मुख्यालय पर रात्रि विश्राम नही करने, निविदा प्रक्रिया को अमल में नही लाने, नशे की हालात में चौकीदार एवं आउटसोर्सिंग कर्मचारी व कम्प्यूटर आपरेटर कुन्दन पाण्डेय से मारपीट करने, लोकसेवक नियमावली के विरुद्ध आचरण करने, भाजपा नेता अजय राय से अभद्रता करने व जिलाधिकारी द्वारा वेतन आहरण पर रोक लगाने के बावजूद उसका उलंघन करने का आरोप ईओ पर लगाते हुए स्वयं उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया था जिसके बाद चेयरमैन जेपी गुप्ता, ईओ अमित सिंह के आखो के किरकिरी बन गये थे। इतना ही नही आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्ति किये गये कम्प्यूटर आपरेटर कुन्दन पाण्डेय ने अक्टूबर माह मे ईओ अमित सिंह के खिलाफ थाने मे तहरीर दिया था उस समय ईओ ने कुन्दन को नौकरी से निकाल दिया किन्तु चेयरमैन इस पक्ष मे तनिक भी नही थे वह कुन्दन से कार्य संपादित कराना चाहते है। बताया जाता है कि चेयरमैन के इस निर्णय से भी ईओ अमित सिंह असंतुष्ट है। इसको लेकर भी ईओ का चेयरमैन के प्रति सकारात्मक सोच नही था।

 

शनिवार को हुई मारपीट की घटना के प्रत्यक्षदर्शी , सभासद व कर्मचारियों का कहना है कि काश! ईओ अमित सिंह द्वारा पूर्व मे कारित किये गये घटना के खिलाफ कार्रवाई हुई होती तो ईओ की मनबढई सातवे आसमान पर नही होती और वह अपने गुण्डई का प्रर्दशन नही करता। यहां बताना जरूरी है कि बीते 28 अक्टूबर को आउटसोर्सिंग कम्प्युटर आपरेटर के पद पर कार्यरत कर्मचारी कुन्दन पाण्डेय नगर पंचायत कार्यालय के कम्प्युटर कक्ष में बैठकर कार्य कर रहा था उस समय ईओ अमित सिंह वहा पहुचे और पहले से मौजूद नगर पंचायत के अन्य कर्मचारियों को कक्ष से बाहर निकालकर रुम को अंदर से बंद दिया और कुन्दन को भद्दी -भद्दी गालियाँ देते हुए कालर पकडकर पिटने लगे। इस घटना को लेकर आउटसोर्सिंग कर्मचारी कुन्दन पाण्डेय ने तमकुहीराज पुलिस को तहरीर देकर ईओ पर तमाम गंभीर आरोप लगाते हुये कार्रवाई करने की गुहार लगायी थी। किन्तु अफसोस ईओ अमित सिंह के खिलाफ न तो थाने स्तर से कोई कार्रवाई की गयी और न ही जनपद के आला अफसरों द्वारा ईओ पर कोई कार्रवाई की गयी। इसका परिणाम यह हुआ कि ईओ अमित सिंह की गुण्डई सिर चढकर बोलने लगा और शनिवार को नगर पंचायत कार्यालय अखाड़े मे तब्दील हो गया।

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