उत्तर प्रदेश साहित्य सभा आजमगढ़ के तत्वावधान में होली मिलन समारोह एवं कवि सम्मेलन का हुआ आयोजन

उत्तर प्रदेश साहित्य सभा आजमगढ़ के तत्वावधान में होली मिलन समारोह एवं कवि सम्मेलन का हुआ आयोजन

आइडियल इंडिया न्यूज़

संजय कुमार पांडेय आजमगढ़

आजमगढ़।

उत्तर प्रदेश साहित्य सभा आजमगढ़ के तत्वावधान में होली मिलन समारोह एवं कवि सम्मेलन का आयोजन नगर के प्रतिष्ठित विद्यालय प्रतिभा निकेतन के सभागार में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर के सुप्रसिद्ध चिकित्सक डॉ भक्तवत्सल सहाय ,मुख्य अतिथि डॉक्टर प्रवेश कुमार सिंह विभागाध्यक्ष हिंदी विभाग श्री दुर्गा जी स्नातकोत्तर महाविद्यालय एवं

विशिष्ट अतिथि श्री संजय कुमार पांडे मंडल संयोजक उत्तर प्रदेश साहित्य सभा थे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के विग्रह पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलन से प्रारंभ हुआ तत्पश्चात संतोष कुमार पांडेय ने सरस्वती वंदना से मां का आह्वाहन किया। इसके पश्चात कार्यक्रम अध्यक्ष डॉक्टर भक्तवत्सल ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में होली मिलन को पारस्परिक सौहार्द एवं भाईचारे का प्रतीक बताया मुख्य अतिथि डॉ प्रवेश सिंह ने होली मिलन कार्यक्रम एवं कवि सम्मेलन की भूरि भूरि प्रशंसा करते हुए सामाजिक सरोकार का त्यौहार बताते हुए इसे प्रतिवर्ष इसी हर्षोल्लास से मनाने की कामना की। तत्पश्चात कवि सम्मेलन का आगाज हुआ ।डॉक्टर अमरीश कुमार अंबर ने होली में फैली खुशबू है चारों तरफ उड़े गुलाल सुना करके सभा को होली मय कर दिया। संतोष कुमार पांडेय ने आ रहा मधुमास देखा है धरा मुसका रही, जा रहा पतझड़ फिजा से है उदासी जा रही सुना करके एक तरोताजगी का एहसास कराया। आलोक राय एक जीव बिछड़ कर अपने देश से सुनाया। कौन आगे कौन पीछे की होड़ से बचा रहे आदमी का आदमी से वास्ता बना रहे सुना कर राजेश अस्थाना अनंत ने भाईचारगी पर जोर दिया। अजय कुमार पांडेय ने ऐसी रंग में रंग गया मैं तो ,भाये न कोई रंग रे सारी रतिया उनकी बतिया करती है मुझे तंग रे सुन कर पुनः होली की फिजा को छेड़ दिया। सोनल श्रीवास्तव ने वह अब कुछ बेपरवाह सी रहती है उसकी बातों के अब सब ढंग नए से हैं सुना करके नारी मन की बात को उजागर किया। बृजबाला श्रीवास्तव ने मदमस्त बसंत की छाई छटा ऋतुराज महान के आवन से बगियन अमवा बउराए गए पिक गाए मधुर धुन शाखन से सुना करके बसंत ऋतु का आभास कराया। डॉ मोनिका शर्मा ने कुछ मुखोटे संभाल कर रखे हैं मैं जिनके पीछे अक्सर छुप जाती हूं जितना दिखलाना होता है उतना ही दिखलाती हूं सुना करके वर्तमान परिस्थितियों पर बेहतरीन कुठाराघात किया है। प्रसिद्ध गीतकार राकेश कुमार पांडेय सागर ने दर्द के विन्यास पर मैं गीत लिखना चाहता हूं सुना करके माहौल को बहुत ही संजीदा कर दिया। प्रसिद्ध शायर ताज आजमी ने होली का जश्न आज मनाने की शाम है हिंदू और मुसलमां को मिलाने की शाम है। सुना करके कौमी एकता पर बात की। विजयेन्द्र प्रताप श्रीवास्तव करुण ने “जब से आईल बा फागुन भुलाई चलेनी , गोरी मुंहवा से अंचरा हटाई चलेनी।” सुना करके सभा को फागुनी रंग से सराबोर कर दिया। डॉ आशा सिंह ने चलो सौहार्द की खुशबू को उड़ायें यारों अमन के दीप मोहब्बत से जलाएं यारों सुनाया। शालिनी राय डिंपल ने ‘मैं तो होरी खेलूं रे तेरे संग लगाओ रंग सांवरे मोहे भाए प्रीत का रंग भिगावो मोह सांवरे। ‘सुना करके होलीके रंग में माहौल को कर दिया। मंडल संयोजक संजय पांडेय ने आज इस देश में यूं माहौल बनाना होगा आग लगने की जगह फूल खिलाना होगा सुना करके पूरे माहौल को भाई चारे की, प्रेम सौहार्द और एक सूत्र में बांधने की बात कर डाली। युवा कवि अतुल राव ने मेरी तरह मिल जाएगा तुम्हें कोई और, क्या मेरी तरह चाहेगा तुम्हें कोई और ‘सुना करके युवा मन को हौले से खटखटाने का प्रयास किया। रत्नेश राय में ब्रज धाम में धूम ही धूम मची चौकोर गुलाल उडा़वत है यशोदा नंदन ब्रज धाम में आज गुलाल अबीर लगावत है ।सुनाया और माहौल को रंग अबीर गुलाल से भरपूर कर दिया इसके अतिरिक्त हरिहर पाठक और कार्यक्रम के कार्यकारी अध्यक्ष, कन्हैयालाल अस्थाना प्रहरी, मैकश आज़मी,दिनेश कुमार श्रीवास्तव, जन्मेजय पाठक ने अपनी अपनी रचनाएं प्रस्तुत की। कार्यक्रम के संचालन विजयेंद्र प्रताप श्रीवास्तव ने किया। श्रोता रूप में संजय कुमार श्रीवास्तव, प्रोफेसर जयप्रकाश यादव,रमाकांत वर्मा, डॉ मनीष मिश्रा, अलका राय, श्वेता राय ,घनश्याम यादव ,सोहेल अहमद ,नदीम, जया श्रीवास्तव, श्लोक श्रीवास्तव , जगदंबा तिवारी, शैलेंद्र सिंह , हीरालाल इत्यादि की उपस्थिति सराहनीय रही।

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