एक बृक्ष दस पुत्रो के समान होते हैं, : नगर विधायक रत्नाकर मिश्र

एक बृक्ष दस पुत्रो के समान होते हैं, : नगर विधायक रत्नाकर मिश्र

अखिलेश मिश्र “बागी”
मिर्जापुर शहर के गैवी घाट स्थित लोकनिर्माण विभाग के मैदान में गोस्वामी तुलसीदास की जयंती पर 4 अगस्त  को पीडब्ल्यूडी  और उद्दान विभाग द्वारा आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए नगर विधायक रत्नाकर मिश्र ने कहा कि गोस्वामी जी स्वतः ज्ञान के वट-वृक्ष थे। उन्होंने कहा कि लंबी अवधि तक भारत में विदेशी शासकों की सत्ता के दौरान जब भारतीय संस्कृति पर लगातार कुठाराघात हो रहा था, तब रामचरितमानस जैसे ग्रँथों से उसकी रक्षा हुई ,उन्होंने वृक्षों की महत्ता पर आध्यात्मिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोणों से व्याख्या की तथा कहा कि वट प्रजाति के वृक्ष पर्यावरण को अनुकूल बनाते हैं। उन्होंने कहा कि वृक्षों से विंध्य पर्वत हमेशा ढका रहता था लेकिन आज वृक्षों की अंधाधुंध कटाई से स्थिति बदल गई है और पर्यावरण को इससे भारी नुकसान हो रहा है।

जहाज घाट के खाली मैदान का भाग्योदय हुआ :-

योगी सरकार ने आप के पिछले कार्यकाल में छुट्टा गोवंशों को पकड़ने का निर्णय लिया था तब इसी मैदान के खुले आसमान में उनको रखने की ब्यवस्था की गई थी , सरकारी नौकरशाही की लापरवाही से जब गोवंश मरने लगे , तब मिर्जापुर के प्रसिद्ध गोभक्त राज माहेश्वरी ने उनके खाने पीने की मांग उठाई , धीरे धीरे उनके प्रयास से सामाजिक व सरकारी सहायता के द्वारा भूख से तड़प रहे गोवंशों के भोजन की ब्यवस्था हुई , सरकार ने उन्हें टांडा फाल पर बने गोआश्रय केंद्र में स्थानांतरित करा दिया। बिधि का विधान देखिए जिस मैदान में पीपा पुल के मरम्मत का सामान रखा जाता था , शास्त्री सेतु के बनते ही भूतहा खंडहर में बदल गया था आस पास के लोग वहा जाने से डरते थे उसी मैदान पर गोमाता के चरण पड़ते ही उसका भाग्य जाग गया , जैसे भगवान ने पहले से बृक्षों के खाद के लिए गोवंशों के गोबर उपलब्ध करा दिए ,लोकनिर्माण विभाग के पुराने जहाजघाट की खाली पड़ी ज़मीन की उपयोगिता को देखते हुए यहां वृक्षारोपण अभियान को हरी झंडी देते हुए विभाग के अधीक्षण अभियंता अशोक कुमार द्विवेदी ने गोस्वामी तुलसीदास को युग-पुरुष और उनकी रचनाओं को कालजयी , सरल और सुबोध शैली में लिखी गई मानस की चौपाइयों को कुशलतापूर्वक जीने का मंत्र कहा।

-विशिष्ट अतिथि ने बृक्षारोपण पर गीत गाया :-

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित पद्मश्री अलंकरण से विभूषित लोकगीत गायिका अजिता श्रीवास्तव ने वृक्षारोपण की महत्ता पर गीत सुनाया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में चुनार से आए साहित्यकार और पत्रकार  राजेन्द्र कुमार मिश्र ने कहा कि हाई-वे के निर्माण में पेड़ कट तो जाते हैं लेकिन उनकी भरपाई विधिक ढंग से नहीं होती है, जिसका खामियाजा समाज भुगत रहा है। चुनार से ही आए पत्रकार एवँ RTI कार्यकर्ता कुमार शुक्ल ने कहा कि वृक्षारोपण अभियान में आंकड़ों पर ज्यादा फ़ोकस न कर वृक्षों की सुरक्षा पर ध्यान दिया जाना चाहिए। पेड़ भले कम लगे लेकिन वे जीवित रहें, ऐसा उपाय करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी धर्मपत्नी बतौर ग्राम प्रधान लगाए गए पेड़ों का निरन्तर संरक्षण पर ध्यान देती हैं। इस अवसर पर कर्मचारी नेता नरेश शर्मा, संस्कार भारती के पूर्व सचिव विन्ध्यवासिनी प्रसाद केसरवानी एवं पत्रकार शिव कुमार शुक्ल  ने भी विचार व्यक्त किए। मंच पर उपस्थित गैबीघाट हनुमान मंदिर के पुजारी रामानुज महाराज एवं ज्योतिषी पं जगदीश द्विवेदी का विशेष सम्मान किया गया। इस कार्यक्रम में पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता  सुशील कुमार और अवर अभियंता अंजनी कुमार ने उपस्थित सभी सौ से अधिक लोगों से वृक्षारोपण कराया , समापन में विभाग के अवर अभियंता प्रवीण कुमार चौहान ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन सलिल पाण्डेय के द्वारा किया गया , इस अवसर पूर्व सभासद संजय यादव, रूपेश यादव, सन्दर्भ पांडेय, धीरेंद्र श्रीवास्तव, विजय निषाद और मनोज गुप्ता (चुनरी वाले), महेंद्र मिश्र, राजेश अग्रवाल एवं दिलीप यादव सहित भारी संख्या में बुद्धिजीवी उपस्थित रहें।

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